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Zojila Tunnel: 11,578 फीट की ऊंचाई पर भारत ने कर दिखाया कमाल, 13 km लंबी जोजिला टनल के दोनों छोर जुड़े; कश्मीर-लद्दाख की किस्मत बदलेगी सुरंग!

 Written By: Manzoor Mir Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jun 09, 2026 10:20 am IST,  Updated : Jun 09, 2026 01:24 pm IST

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग जोजिला टनल के 13.153 किलोमीटर लंबे हिस्से का सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू पूरा हो गया है। टनल के दोनों सिरों को जोड़ दिया गया है।

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11,578 फीट की ऊंचाई पर इंजीनियरिंग का कमाल!

भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला मील का पत्थर साबित हुआ है। समुद्र तल से लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर बन रही जोजिला टनल (Zojila Tunnel) के 13.153 किलोमीटर लंबे मुख्य हिस्से के दोनों छोरों को आज सफलतापूर्वक आपस में जोड़ दिया गया है। यह ऐतिहासिक कामयाबी न केवल भारतीय इंजीनियरों के अदम्य साहस को दर्शाती है, बल्कि कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक नए युग की शुरुआत है।

इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग परियोजना को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी सड़क सुरंग बनने जा रही है और इसके निर्माण में भारतीय इंजीनियरों और श्रमिकों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में शानदार काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि कड़ाके की ठंड और माइनस तापमान में भी काम जारी रहा, जो टीम की मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। यह टनल अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी तथा सालभर हर मौसम में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। पहले इस क्षेत्र का सड़क संपर्क लगभग छह महीने तक बाधित रहता था, लेकिन अब लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

पीएम ने दी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता

नितिन गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इसी दिशा में यह परियोजना आगे बढ़ाई गई है। गडकरी ने यह भी कहा कि जिस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 12,000 करोड़ रुपये थी, उसे लगभग आधी लागत में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन सभी बाधाओं को सफलतापूर्वक पार किया गया।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बनने वाली प्रमुख परियोजनाएं

  • कटरा-श्रीनगर फोर लेन हाईवे परियोजना
  • रफियाबाद-कुपवाड़ा हाईवे
  • श्रीनगर-काजीगुंड सर्विस रोड
  • श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी सड़क परियोजना
  • पीर की गली में 8.5 किलोमीटर लंबी सुरंग
  • कठुआ में फोर लेन एलिवेटेड रोड
  • श्रीनगर रिंग रोड (फेज-1), जिसका काम अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है

गडकरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 25 सुरंगों के निर्माण की योजना है, जिनमें से 20 परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। वहीं, श्रीनगर-जम्मू फोर लेन हाईवे सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पूरी परियोजना टीम को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई भी दी।

प्रोजेक्ट कब होगा पूरा?

ब्रेकथ्रू पूरा होने के साथ सुरंग की खुदाई का चरण समाप्त हो गया है, लेकिन परियोजना का काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब इंजीनियर टनल की इंटरनल लाइनिंग, बिजली व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों की स्थापना और अन्य फिनिशिंग कामों पर ध्यान देंगे। इन सभी जरूरी कामों के पूरा होने के बाद ही सुरंग को यातायात के लिए खोला जाएगा। फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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